15 राज्यों की लोक संस्कृति को देखकर दंग रह गये पर्यटक
गुजरात, असम, मणिपुर, बिहार, पश्चिम बंंगाल, राजस्थान, पंजाब के लोक नृत्यों को देखने का अवसर दिया एनजैडसीसी ने
लोक नृत्यों के संग पर्यटक भी झूमते हुए आये नजर
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर के घाटों पर देश की लोक संस्कृति का महाकुंभ देखने को मिला। इस लोक संस्कृति के महाकुम्भ में उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, असम, गुजरात, सिक्किम, झारखंड, मणिपुर, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू कश्मीर,पंजाब के कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेश के लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। इन कलाकारों को उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला क्षेत्र पटियाल की तरफ से आमंत्रित किया गया है। अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्स 2021 में सरस और शिल्प मेले में शिल्प कलाओं के साथ-साथ देश की लोक संस्कृति को देखने का एक बार फिर सुनहरी अवसर पर्यटकों को मिला है।
इस वर्ष कोरोना महामारी के बाद बड़े स्तर पर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। पिछले वर्ष कोरोना महामारी के कारण शिल्प और सरस मेले के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नही हो पाया था। इसलिये इस वर्ष महोत्सव के शिल्प और सरस मेले के साथ-साथ लोक संस्कृति का आनन्द लेने के लिये ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर देश के कोने-कोने से पर्यटक पंहुच रहे हैं। इस वर्ष उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केन्द्र की तरफ से करीब 15 राज्यों के 400 कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। इनमे से पांच राज्यों के कलाकार दो दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक अपनी प्रस्तुति देंगे। एनजेडसीसी की तरफ से 11 राज्यों के कलाकार महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं।
इन तमाम राज्यों के कलाकार अपने-अपने प्रदेशों की लोक संस्कृति से सबका मन मोह रहे हैं। एक मंच पर देश के अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति को देखना हर कोई अपना सौभाग्य मान रहा है। यह कलाकार भी दर्शकों के हुजूम और उत्साह को देखकर मदमस्त होकर अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। इन कलाकारों के नृत्य के साथ देखने वाला प्रत्येक व्यक्ति भी अपने पांव को रोक नही पाया और इन कलाकारों के साथ ही झूमने पर मजबूर हो गया। एनजैडसीसी के अधिकारी कमलेश शर्मा का कहना है कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव में बेहतरीन कलाकारों को आमंत्रित किया गया है और यह कलाकार लगातार अपने-अपने प्रदेश की प्रस्तुति देकर पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे है।